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बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में मिरà¥à¤—ी रोग के लकà¥à¤·à¤£, कारण, इलाज व घरेलू उपचार
बचà¥à¤šà¥‡ के पैदा होने के बाद उसकी देखरेख करना किसी चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ से कम नहीं। हर पड़ाव पर बचà¥à¤šà¥‡ का साथ देना और उनको होने वाली परेशानियों का डटकर सामना करना, सà¤à¥€ आदरà¥à¤¶ माता-पिता à¤à¤¸à¤¾ ही करते हैं। वहीं, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कई बार कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो जाती हैं, जिनसे मां-बाप खà¥à¤¦ घबरा जाते हैं। à¤à¤¸à¥€ ही à¤à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ है, मिरà¥à¤—ी। बचà¥à¤šà¥‡ में दौरे की समसà¥à¤¯à¤¾ देखकर पैरेंटà¥à¤¸ काफी परेशान हो जाते हैं, लेकिन à¤à¤¸à¥‡ समय में घबराने की नहीं, बलà¥à¤•ि सूà¤à¤¬à¥‚ठदिखाने की जरूरत है। मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में हम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में मिरà¥à¤—ी से संबंधित जरूरी जानकारियां विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से देंगे। आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल को पढ़ने के बाद आप इस समसà¥à¤¯à¤¾ को समà¤à¤¨à¥‡ के साथ ही मिरà¥à¤—ी का दौरा पड़ने पर बचà¥à¤šà¥‡ की मदद à¤à¥€ कर पाà¤à¤‚गे। साथ ही लेख में मिरà¥à¤—ी से बचाव से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ जरूरी टिपà¥à¤¸ à¤à¥€ दिठजाà¤à¤‚गे।
चलिà¤, सबसे पहले यह समठलेते हैं कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में मिरà¥à¤—ी आने का मतलब कà¥à¤¯à¤¾ होता है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में मिरà¥à¤—ी आने का कà¥à¤¯à¤¾ मतलब होता है?
मिरà¥à¤—ी दिमाग से संबंधित à¤à¤• विकार है। इस विकार के कारण बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को समय-समय पर दौरे पड़ते हैं। ये दौरे तब आते हैं, जब दिमाग में अचानक विदà¥à¤¯à¥à¤¤ और रासायनिक गतिविधि में परिवरà¥à¤¤à¤¨ होता है। यह बदलाव सिर पर चोट लगने, संकà¥à¤°à¤®à¤£, किसी तरह की विषाकà¥à¤¤à¤¤à¤¾ और जनà¥à¤® से पहले मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के कारण हो सकता है (1)। यूं तो मिरà¥à¤—ी का दौरा पड़ने का विकार जीवन के किसी à¤à¥€ समय उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकता है, लेकिन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और 65 वरà¥à¤· से अधिक आयॠके लोगों में यह सबसे अधिक पाया जाता है (2)। चौंकाने वाली बात यह है कि दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° में बढ़ते मिरà¥à¤—ी के मामलों में à¤à¤• चौथाई केस बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ हà¥à¤ हैं (3)।
अब, हम आपको बता रहे हैं कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कौन-कौन से पà¥à¤°à¤•ार की मिरà¥à¤—ी होती है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में मिरà¥à¤—ी के पà¥à¤°à¤•ार
वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में 60 से अधिक पà¥à¤°à¤•ार के मिरà¥à¤—ी के दौरे लोगों को पड़ता है। आमतौर पर इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फोकल (Focal) और सामानà¥à¤¯à¥€à¤•ृत (Generalised) के रूप में वरà¥à¤—ीकृत किया जाता है। वहीं, जब मिरà¥à¤—ी का दौरा किसी विशेष उमà¥à¤° और सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के हिसाब से शà¥à¤°à¥‚ होता है, तो इसे मिरà¥à¤—ी सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® कहा जाता है। नीचे हम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सामानà¥à¤¯ तौर पर पड़ने वाले मिरà¥à¤—ी के दौरे के बारे में बता रहे हैं (2) (3) (4) (5) (6)।
फेबà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤² सीजर (Febrile Seizure) : इस मिरà¥à¤—ी का à¤à¤• कारण बà¥à¤–ार के वजह से शरीर की तापमान का बà¥à¤¨à¤¾ हो सकता है। यह मिरà¥à¤—ी अधिकतर 6 महीने से 5 साल के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के बीच देखा गया है (7)।
चाइलà¥à¤¡à¤¹à¥à¤¡ à¤à¤¬à¥à¤¸à¥‡à¤‚स à¤à¤ªà¤¿à¤²à¥‡à¤ªà¥à¤¸à¥€ (Childhood Absence Epilepsy) : मिरà¥à¤—ा का यह दौरा आमतौर पर दो से 12 साल की उमà¥à¤° के बीच शà¥à¤°à¥‚ होता है। यह दौरा थोड़े समय के लिठपड़ता है। इस दौरान बचà¥à¤šà¤¾ अपना काम अचानक रोककर किसी जगह, वसà¥à¤¤à¥ या वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को घूरने लग जाता है। कà¥à¤› देर अचानक घूरना बंद करके अपने पहले वाले काम में लग जाता है। यह दौरा à¤à¤• दिन में कई बार आ सकता है। आमतौर पर यह मिरà¥à¤—ी का दौरा दवा से नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ हो जाता है और यà¥à¤µà¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ आते-आते ठीक à¤à¥€ हो सकता है।
जà¥à¤µà¥‡à¤¨à¤¾à¤‡à¤² à¤à¤¬à¥à¤¸à¥‡à¤‚स à¤à¤ªà¤¿à¤²à¥‡à¤ªà¥à¤¸à¥€ (Juvenile Absence Epilepsy) : ये दौरे आमतौर पर 8 से 20 वरà¥à¤· की उमà¥à¤° के बीच शà¥à¤°à¥‚ होते हैं। यह थोड़े लंबे समय तक à¤à¥€ पड़ सकते हैं। इसमें किसी चीज को à¤à¤• टक देखने के साथ ही, बार-बार पलक à¤à¤ªà¤•ना या मà¥à¤‚ह चबाना शामिल हो सकता है। यह दौरा à¤à¥€ à¤à¤• दिन में कई बार आता है। इस पà¥à¤°à¤•ार की मिरà¥à¤—ी वाले 80 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में टॉनिक-कà¥à¤²à¥‹à¤¨à¤¿à¤• दौरे à¤à¥€ पड़ सकते हैं। टॉनिक-कà¥à¤²à¥‹à¤¨à¤¿à¤• दौरा वो होता है, जब बचà¥à¤šà¥‡ की मांसपेशियां सखà¥à¤¤ हो जाती हैं और वो अचेत होकर गिर जाते हैं। इस किसà¥à¤® के दौरे अकà¥à¤¸à¤° दवाई से नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ हो जाते हैं।
बेनिगà¥à¤¨ à¤à¤ªà¤¿à¤²à¥‡à¤ªà¥à¤¸à¥€ विद सेंटरोटेमà¥à¤ªà¥‹à¤°à¤² सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤•à¥à¤¸ (Benign Epilepsy with Centrotemporal Spikes) : यह मिरà¥à¤—ी अकà¥à¤¸à¤° शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ उमà¥à¤° से लेकर पांच से दस साल तक होती है। इस दौरान पड़ने वाले दौरे मामूली हो सकते हैं। यह दौरा पड़ने पर बचà¥à¤šà¤¾ थोड़ी देर तक बोल नहीं पाता और मà¥à¤‚ह से बहà¥à¤¤ सारा थूक निकालने लगता है। यह आमतौर पर सोते समय या सà¥à¤¬à¤¹ बचà¥à¤šà¥‡ के जागते ही पड़ सकता है। इस पà¥à¤°à¤•ार की मिरà¥à¤—ी उमà¥à¤° के साथ, आमतौर पर किशोरावसà¥à¤¥à¤¾ तक ठीक हो सकती है।
जà¥à¤µà¥‡à¤¨à¤¾à¤‡à¤² मायोकà¥à¤²à¥‹à¤¨à¤¿à¤• मिरà¥à¤—ी (Juvenile Myoclonic Epilepsy) : इस मिरà¥à¤—ी का निदान 8 से 25 साल के बीच किया जा सकता है। इस दौरान सà¥à¤¬à¤¹ व नींद के समय मांसपेशियों में अचानक à¤à¤Ÿà¤•े लगते हैं। साथ ही टॉनिक-कà¥à¤²à¥‹à¤¨à¤¿à¤• दौरे à¤à¥€ पड़ सकते हैं।
टेमà¥à¤ªà¥‹à¤°à¤² लोब à¤à¤ªà¤¿à¤²à¥‡à¤ªà¥à¤¸à¥€ (Temporal Lobe Epilepsy) : इस पà¥à¤°à¤•ार के मिरà¥à¤—ी के दौरे किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° में शà¥à¤°à¥‚ हो सकते हैं। इसमें बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¤• टक देखने व घूरने के साथ ही à¤à¤¸à¤¾ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° करता है, जिससे लगता है कि वो किसी तरह की उलà¤à¤¨ में है या à¤à¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ है।
फà¥à¤°à¤‚टल लोब à¤à¤ªà¤¿à¤²à¥‡à¤ªà¥à¤¸à¥€ (Frontal Lobe Epilepsy) : इस पà¥à¤°à¤•ार की मिरà¥à¤—ी किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° में शà¥à¤°à¥‚ हो सकती है। यह अकà¥à¤¸à¤° नींद के दौरान आती है और इसमें जोरदार शारीरिक गतिविधि शामिल हो सकती है। इस मिरà¥à¤—ी के पà¥à¤°à¤•ार के निदान के लिठबचà¥à¤šà¥‡ की रात à¤à¤° की गतिविधि पर निगरानी रखना जरूरी है।
वेसà¥à¤Ÿ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® या इनà¥à¤«à¥‡à¤‚टाइल सà¥à¤ªà¤¾à¤œà¥à¤® (West Syndrome or Infantile Spasms) : इसकी शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ आमतौर पर जीवन के पहले वरà¥à¤· के दौरान होती है। थोड़ी देर के लिठà¤à¤‚ठन (दौरा) की वजह से बचà¥à¤šà¤¾ अचानक अकड़ जाता है। इस दौरान अकà¥à¤¸à¤° घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ बाहर की ओर निकल जाते हैं और शरीर आगे की ओर à¤à¥à¤• जाता है।
लेनोकà¥à¤¸-गैसà¥à¤Ÿà¥‰à¤Ÿ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (Lennox-Gastaut Syndrome) : यह मिरà¥à¤—ी à¤à¤• से सात साल की उमà¥à¤° तक होती है। इसमें कई पà¥à¤°à¤•ार के दौरे पड़ सकते हैं। इस पà¥à¤°à¤•ार की मिरà¥à¤—ी को संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¤¾ अकà¥à¤¸à¤° मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है। इस सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ 90 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का विकास देरी से होता है। इसमें अकà¥à¤¸à¤° बौदà¥à¤§à¤¿à¤• विकलांगता शामिल होती है।
आगे, हम मिरà¥à¤—ी के लकà¥à¤·à¤£ के बारे में बता रहे हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में मिरà¥à¤—ी के लकà¥à¤·à¤£
मिरà¥à¤—ी के लकà¥à¤·à¤£ हर बचà¥à¤šà¥‡ में à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ हो सकते हैं। साथ ही इसके लकà¥à¤·à¤£ इस बात पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° करते हैं कि मिरà¥à¤—ी का दौरा कब से पड़ने लगा है और इसकी वजह से शरीर का कौन-सा हिसà¥à¤¸à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो रहा है। यह शारीरिक और मानसिक हो सकता है। मिरà¥à¤—ी के दौरे के आमतौर पर निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं (1):
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का घूरना व à¤à¤• टक देर तक à¤à¤• ही जगह को देखना।
अचेत व बेहोश होना।
शरीर का पूरी तरह से हिल जाना।
मांसपेशियों में जकड़न।
शरीर में सनसनाहट।
डर और चिंता।
à¤à¤¸à¥€ गंध का आना जो वासà¥à¤¤à¤µ में होती ही नहीं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में मिरà¥à¤—ी के लकà¥à¤·à¤£ के बाद मिरà¥à¤—ी के कारण पर à¤à¤• नजर डाल लेते हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में मिरà¥à¤—ी के कारण
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को मिरà¥à¤—ी का दौरा पड़ने के कई कारण हो सकते हैं। कई बार पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान और गरà¥à¤ में ही à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो जाती है, जो मिरà¥à¤—ी की वजह बन सकती हैं। à¤à¤¸à¥‡ ही कà¥à¤› आम कारण हम आपको नीचे बता रहे हैं (1) (3) (4)
पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤•ालीन हाइपोकà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ (पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान या बाद में बचà¥à¤šà¥‡ के मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• को अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ मिलना)
बचà¥à¤šà¥‡ के चयापचय में गड़बड़ी
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ विकृतियां
संकà¥à¤°à¤®à¤£
फेबà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤² डिजीज (बà¥à¤–ार की वजह से होने वाली बीमारियां)
केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° (सेंटà¥à¤°à¤² नरà¥à¤µà¤¸ सिसà¥à¤Ÿà¤®) में इंफेकà¥à¤¶à¤¨
बà¥à¤°à¥‡à¤¨ इंजरी
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के संकà¥à¤°à¤®à¤£ के बाद दिमाग को पहà¥à¤‚चने वाला नà¥à¤•सान
दिमाग से संबंधी बरà¥à¤¥ डिफेकà¥à¤Ÿ
बेनिगà¥à¤¨ (Benign) बà¥à¤°à¥‡à¤¨ टà¥à¤¯à¥‚मर
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में असामानà¥à¤¯ रकà¥à¤¤ वाहिकाà¤à¤‚
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के ऊतकों को नषà¥à¤Ÿ करने वाली या नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाने वाली बीमारियां
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को मिरà¥à¤—ी का दौरा पड़ने पर कà¥à¤¯à¤¾ सब जरूरी चीजें करनी चाहिà¤, इस बारे में जानने के लिठपढ़ते रहें यह लेख।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को मिरà¥à¤—ी का दौरा पड़ता है तो कà¥à¤¯à¤¾ करें?
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को मिरà¥à¤—ी का दौरा पड़ता देखना माता-पिता के लिठदरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• और à¤à¤¯à¤¾à¤µà¤¹ होता है। अधिकतर माता-पिता जानकारी के अà¤à¤¾à¤µ में इस दौरान डर जाते हैं और असहाय महसूस करने लगते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में माता-पिता बचà¥à¤šà¥‡ की किस तरह से मदद कर सकते हैं, यह हम नीचे बता रहे हैं (5) (7)।
बचà¥à¤šà¥‡ को धीरे से फरà¥à¤¶ पर लेटा दें।
उसके आसपास की वसà¥à¤¤à¥à¤“ं को हटा दें।
अब धीरे-धीरे बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤• साइट की ओर लिटाà¤à¤‚।
बचà¥à¤šà¥‡ के सिर के नीचे तकिया रख दें।
अगर बचà¥à¤šà¥‡ ने शरà¥à¤Ÿ पहनी है, तो उसके बटन खोल दें या गले में कोई टाइट कपड़ा जैसे – टाई आदि, तो उसे ढीला कर दें।
अगर उसे किसी तरह का खतरा नहीं है, तो बचà¥à¤šà¥‡ को चलने और टहलने से न रोकें।
बचà¥à¤šà¥‡ के मà¥à¤‚ह में कà¥à¤› à¤à¥€ न डालें। यहां तक कि दवा या तरल à¤à¥€ नहीं। इससे उसके जबड़े, जीठया दांतों को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकता है।
बचà¥à¤šà¥‡ को मिरà¥à¤—ी पड़ने के दौरान और उसके कà¥à¤› देर बाद तक उसके साथ ही रहें।
दौरा पड़ते समय उसके लकà¥à¤·à¤£ और दौरा पड़ने के समय को नोट करके रखें।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° को विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बताà¤à¤‚ कि मिरà¥à¤—ी का दौरा कितनी देर के लिठआया और उसके लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ थे।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में मिरà¥à¤—ी का निदान किस पà¥à¤°à¤•ार किया जाता है, यह हम आपको आगे बता रहे हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में मिरà¥à¤—ी का निदान
à¤à¤• दौरा आने का मतलब यह नहीं है कि बचà¥à¤šà¥‡ को मिरà¥à¤—ी है। कà¥à¤› लोगों को जीवनकाल में केवल à¤à¤• दौरा या à¤à¤• से अधिक दौरे ही पड़ते हैं। इसका मतलब यह नहीं की उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मिरà¥à¤—ी हो गई है। कई बार दौरा कà¥à¤› परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, जैसे कि उचà¥à¤š तापमान या विषाकà¥à¤¤à¤¤à¤¾ की वजह से à¤à¥€ पड़ सकता है। हां, अगर किसी को दौरा बार-बार पड़ रहा है, तो उसे मिरà¥à¤—ी हो सकती है। इसका निदान आमतौर पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार करते हैं (1) (8) ।
बचà¥à¤šà¥‡ और परिवार की मेडिकल हिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ के बारे में जानकारी।
दौरा कितनी बार और कितनी देर तक आया आदि।
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° की जांच के लिठà¤à¤• शारीरिक परीकà¥à¤·à¤£ की सलाह दी जाती है। यह कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
ईईजी (इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹ à¤à¤¨à¥à¤¸à¥‡ फलोगà¥à¤°à¤¾à¤®) : यह परीकà¥à¤·à¤£ अकà¥à¤¸à¤° मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में किसी à¤à¥€ असामानà¥à¤¯ विदà¥à¤¯à¥à¤¤ गतिविधि को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है। कà¥à¤› मामलों में परीकà¥à¤·à¤£ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में उस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है, जहां से दौरा पड़ना शà¥à¤°à¥‚ होता है।
ईईजी के साथ ही डॉकà¥à¤Ÿà¤° कà¥à¤› अनà¥à¤¯ टेसà¥à¤Ÿ करने की सलाह दे सकते हैं:
बà¥à¤²à¤¡ केमिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€
बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र
कंपà¥à¤²à¥€à¤Ÿ बà¥à¤²à¤¡ काउंट (CBC)
किडनी फंकà¥à¤¶à¤¨ टेसà¥à¤Ÿ
लिवर फकà¥à¤¶à¤¨ टेसà¥à¤Ÿ
लमà¥à¤¬à¤° पंचर (सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² टैप)
संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• रोगों के लिठटेसà¥à¤Ÿ
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में समसà¥à¤¯à¤¾ के कारण और सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ का पता लगाने के लिठअकà¥à¤¸à¤° हेड सीटी या à¤à¤®à¤†à¤°à¤†à¤ˆ सà¥à¤•ैन à¤à¥€ किया जाता है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को मिरà¥à¤—ी होने पर इसका इलाज कैसे हो सकता है, इस पर à¤à¥€ à¤à¤• नजर डाल लेते हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में मिरà¥à¤—ी का इलाज
मिरà¥à¤—ी के उपचार के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार की सलाह दे सकते हैं (1) (2) (5):
दवाई : मिरà¥à¤—ी के दौरे को रोकने वाली दवाओं को à¤à¤‚टीकॉनà¥à¤µà¥‡à¤²à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ (Anticonvulsants) या à¤à¤‚टीपीलेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• (Antiepileptic) दवा कहा जाता है। मिरà¥à¤—ी के दौरे की संखà¥à¤¯à¤¾ को इन दवाओं की मदद से कम किया जा सकता है। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि à¤à¤¸à¥€ कोई à¤à¥€ दवा डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह के बिना मरीज को न दें।
जीवनशैली में परिवरà¥à¤¤à¤¨ :उमà¥à¤° और मिरà¥à¤—ी के पà¥à¤°à¤•ार के आधार पर आहार संबंधी बदलाव à¤à¥€ दौरे की आवृतà¥à¤¤à¤¿ (Frequency) को कम कर सकते हैं। उचà¥à¤š वसा यà¥à¤•à¥à¤¤ और कम कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ यà¥à¤•à¥à¤¤ केटोजेनिक (Ketogenic) आहार को कà¥à¤› विशेष पà¥à¤°à¤•ार के मिरà¥à¤—ी के इलाज के लिठउपयोगी माना जाता है। माना गया है कि केटोजेनिक आहार से 50 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ लोगों में मिरà¥à¤—ी के दौरे नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ और 10 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ लोगों में यह समसà¥à¤¯à¤¾ खतà¥à¤® हà¥à¤ˆ है।
सरà¥à¤œà¤°à¥€ : अगर आपके बचà¥à¤šà¥‡ की मिरà¥à¤—ी à¤à¤• टà¥à¤¯à¥‚मर, असामानà¥à¤¯ रकà¥à¤¤ वाहिकाओं या मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ के कारण होती है, तो ही सरà¥à¤œà¤°à¥€ की सलाह दी जाती है। साथ ही जो मिरà¥à¤—ी दवाओं के बाद à¤à¥€ नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ नहीं होती है, उसे मेडिकली रिफà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤°à¥€ मिरà¥à¤—ी (Medically Refractory Epilepsy) कहा जाता है। à¤à¤¸à¥‡ मामलों में à¤à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° सरà¥à¤œà¤°à¥€ करने की सलाह देते हैं।
मिरà¥à¤—ी का दौरा पड़ने की वजह से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कई तरह के जोखिम और जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है। इनके बारे में हम नीचे विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बता रहे हैं।
मिरà¥à¤—ी के दौरे के जोखिम
मिरà¥à¤—ी के दौरे पड़ने की वजह से कई तरह के जोखिम à¤à¥€ हो सकते हैं। दरअसल, अचानक दिमाग में होने वाले परिवरà¥à¤¤à¤¨ और दिमाग पर नियंतà¥à¤°à¤£ खोने की वजह से कई बार हादसे à¤à¥€ हो जाते हैं। चलिà¤, नीचे मिरà¥à¤—ी के दौरे के जोखिम पर à¤à¤• नजर डाल सकते हैं (1) (4) (9) (10) (11) (12)।
अगर रासà¥à¤¤à¥‡ पर चलते हà¥à¤ अचानक दौरा पड़ जाà¤, तो बचà¥à¤šà¥‡ को चोट लग सकती है।
कà¥à¤› गंà¤à¥€à¤° मामलों में मिरà¥à¤—ी का दौरा पड़ने की वजह से मौत à¤à¥€ हो सकती है।
बार-बार दौरा आने की वजह से परेशान होकर कà¥à¤› लोग आतà¥à¤®à¤¹à¤¤à¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ कर सकते हैं।
à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पढ़ने में à¤à¥€ मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकती है।
दौरा पड़ने पर फेफड़ों में à¤à¥‹à¤œà¤¨ या लार पहà¥à¤‚च जाती है, जिससे निमोनिया हो सकता है।
दिल की धड़कन तेज हो सकती है।
सà¥à¤¥à¤¾à¤ˆ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• कà¥à¤·à¤¤à¤¿ (सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• या अनà¥à¤¯ कà¥à¤·à¤¤à¤¿)
दवाओं के दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥¤
फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° हो सकता है।
मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जैसे चिंता व अवसाद का उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤°à¥¤
कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ à¤à¥€ तरीके हैं, जिनकी मदद से आप बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को मिरà¥à¤—ी होने से बचा सकते हैं। नीचे विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से पढ़ें मिरà¥à¤—ी से बचाव कà¥à¤¯à¤¾ हो सकते हैं।
बचà¥à¤šà¥‡ को मिरà¥à¤—ी से बचाने के तरीके
माना जाता है कि 25 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ मिरà¥à¤—ी के मामलों को रोका जा सकता है, अगर इससे संबंधित बचाव कारà¥à¤¯ किये जाà¤à¤‚। नीचे हम इससे संबंधित जानकारी दे रहे हैं (1) (4) (13) ।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के सिर पर चोट लगने से बचाना व रोकना।
पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤•ाल में मां की परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ देखà¤à¤¾à¤² बचà¥à¤šà¥‡ को बरà¥à¤¥ इंजरी की वजह से होने वाली मिरà¥à¤—ी से बचा सकती हैं।
बà¥à¤–ार का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शिकार होने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के शरीर के तापमान को दवाओं की मदद से नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ कर फेबà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤² सिजर (Febrile seizures) से बचाया जा सकता है।
उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ और मोटापे को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करके सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ मिरà¥à¤—ी से बचा जा सकता है।
केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° (सेंटà¥à¤°à¤² नरà¥à¤µà¤¸ सिसà¥à¤Ÿà¤®) से संबंधित संकà¥à¤°à¤®à¤£ का इलाज।
परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नींद मिरà¥à¤—ी के शिकार बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में दौरा पड़ने की आशंका को कम कर सकती है।
उचित आहार।
मिरà¥à¤—ी का दौरा पड़ने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब जाना चाहिà¤, आइठयह à¤à¥€ जान लेते हैं।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब जाà¤à¤‚
अकà¥à¤¸à¤° मिरà¥à¤—ी का दौरा पड़ने पर लगता है कि यह थोड़ी देर में खà¥à¤¦-ब-खà¥à¤¦ ठीक हो जाà¤à¤—ा, लेकिन धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि कà¥à¤› मामलों में ये लापरवाही हानिकारक à¤à¥€ हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में मिरà¥à¤—ी के दौरे पà¥à¤¨à¥‡ के समय और शांत होने के बाद डॉकà¥à¤Ÿà¤° से तà¥à¤°à¤‚त संपरà¥à¤• करना चाहिठ(1) (5) ।
अगर बचà¥à¤šà¥‡ को मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ यानी डायबिटीज हो।
अगर बचà¥à¤šà¥‡ को पानी में होते समय दौरा पड़ा हो।
दौरा 5 मिनट से अधिक समय तक रहता हो।
बचà¥à¤šà¤¾ बेहोश हो जाà¤à¥¤
दौरे की अवधि समापà¥à¤¤ होने के बाद सामानà¥à¤¯ रूप से सांस लेने में परेशानी हो या फिर बचà¥à¤šà¥‡ को होश न आà¤à¥¤
दौरा पड़ने के बाद होश में आते ही à¤à¤• और दौरा पड़ना।
अगर दौरा पड़ने पर बचà¥à¤šà¤¾ खà¥à¤¦ को घायल कर लें।
अगर बचà¥à¤šà¥‡ को पहली बार दौरे पड़ रहे हैं।
अगर अनà¥à¤¯ दिनों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में दौरे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय तक रहे।
अगर आपके बचà¥à¤šà¥‡ में नठलकà¥à¤·à¤£ नजर आ रहे हैं, तो à¤à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° को तà¥à¤°à¤‚त कॉल करना चाहिà¤, जैसे :
उलटी अथवा जी-मिचलाना
लाल चकतà¥à¤¤à¥‡
दवाओं के दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ, जैसे आलस, बेचैनी या à¤à¥à¤°à¤®
हकलाना या कोई अनà¥à¤¯ असामानà¥à¤¯ गतिविधि
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
कà¥à¤¯à¤¾ मिरà¥à¤—ी का दौरा पड़ने से दिमाग को नà¥à¤•सान हो सकता है?
à¤à¤ªà¤¿à¤²à¥‡à¤ªà¥à¤¸à¥€ की वजह से दिमाग में संरचनातà¥à¤®à¤• कà¥à¤·à¤¤à¤¿ के बजाय मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की कारà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकती है (14)। माना जाता है कि मिरà¥à¤—ी की वजह से होने वाली जटिलताओं में सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ रूप से बà¥à¤°à¥‡à¤¨ डैमेज à¤à¥€ शामिल है (1)।
कà¥à¤¯à¤¾ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¤• से अधिक बार मिरà¥à¤—ी का दौरा पड़ सकता है?
जी हां, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¤• से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार मिरà¥à¤—ी का दौरा पड़ सकता है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से तà¥à¤°à¤‚त संपरà¥à¤• करने की सलाह दी जाती है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में मिरà¥à¤—ी से संबंधित आवशà¥à¤¯à¤• जानकारी आपको इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल के माधà¥à¤¯à¤® से मिल ही गई होगी। अब आप अपनी सूà¤à¤¬à¥‚ठऔर लेख में बताई गई जरूरी बातों को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤ बचà¥à¤šà¥‡ की मदद कर सकते हैं। लेख में दिठगठलकà¥à¤·à¤£ अगर किसी à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ में नजर आà¤à¤‚, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बीमारी की रोकथाम के लिठजरूरी कदम उठाना इसकी चपेट में आने के बाद इलाज करवाने से बेहतर विकलà¥à¤ª है। वो कहते हैं न, पà¥à¤°à¤¿à¤µà¥‡à¤‚शन इज बेटर देन कà¥à¤¯à¥‹à¤°à¥¤ साथ ही आप अपने दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ और जानकारों के साथ यह लेख साà¤à¤¾ करके उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में होने वाली मिरà¥à¤—ी की समसà¥à¤¯à¤¾ के संबंध में बताने में मदद करें। अगर आपके मन में इस विषय से संबंधित कोई सवाल या अनà¥à¤¯ जानकारी है, तो नीचे दिठकमेंट बॉकà¥à¤¸ के जरिठहम तक जरूर पहà¥à¤‚चाà¤à¤‚।
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